
PM मोदी ने 'Namo Bharat' को दी हरी झंडी (Photo: PTI)
Bharat Rapid Rail Inauguration: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज भारत के परिवहन इतिहास में एक नया मील का पत्थर स्थापित करते हुए दिल्ली-मेरठ ‘नमो भारत रैपिड रेल’ के संपूर्ण 82 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर का आधिकारिक उद्घाटन कर दिया है।
इस ऐतिहासिक अवसर पर गाजियाबाद के हिंडन एयरपोर्ट पहुंचने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके पश्चात, दोनों नेताओं ने मेरठ पहुंचकर इस महापरियोजना को राष्ट्र को समर्पित किया। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री ने शताब्दी नगर से मेरठ साउथ तक ट्रेन में सफर किया और यात्रियों व NCRTC के अधिकारियों से संवाद कर इस आधुनिक तकनीक की बारीकियों को समझा।
रफ़्तार और आधुनिकता का बेजोड़ संगम

नमो भारत रैपिड रेल को 180 किमी/घंटा की डिज़ाइन स्पीड के साथ तैयार किया गया है, जो ट्रैक पर 160 किमी/घंटा की परिचालन गति से दौड़ेगी। इस गति के साथ अब दिल्ली के सराय काले खां से मेरठ के मोदीपुरम तक की दूरी महज़ 55 मिनट में सिमट जाएगी।
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यह सेवा न केवल समय की बचत करेगी, बल्कि साहिबाबाद, गाजियाबाद और मोदीनगर जैसे प्रमुख केंद्रों को राजधानी के बेहद करीब ले आएगी। इसके साथ ही करीब 12,930 करोड़ रुपये की अन्य विकास परियोजनाओं का लोकार्पण भी किया गया, जो क्षेत्र के आर्थिक ढांचे को मजबूती प्रदान करेंगी।
एक ट्रैक पर दो सेवाओं का वैश्विक कीर्तिमान
भारत के इंजीनियरिंग इतिहास में यह पहली बार है जब नमो भारत ट्रेन और मेट्रो एक ही ट्रैक पर संचालित होंगी। मेरठ मेट्रो को भारत की सबसे तेज़ मेट्रो का खिताब मिला है, जिसकी अधिकतम गति 120 किमी/घंटा है। यह 23 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर को सिर्फ 30 मिनट में कवर करेगी।
इस रूट पर मेरठ साउथ से लेकर मोदीपुरम डिपो तक कुल 13 स्टेशन बनाए गए हैं। महत्वपूर्ण बात यह है कि मेरठ साउथ, शताब्दी नगर, बेगमपुल और मोदीपुरम स्टेशनों पर यात्री मेट्रो और आरआरटीएस के बीच आसानी से इंटरचेंज कर सकेंगे।
मल्टी-मॉडल हब

सराय काले खां स्टेशन को एक विश्वस्तरीय मल्टी-मॉडल हब के रूप में विकसित किया गया है। यह अकेला स्टेशन हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन, दिल्ली मेट्रो की पिंक लाइन, वीर हकीकत राय ISBT और रिंग रोड को एक ही स्थान पर जोड़ता है।
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दूरदर्शी योजना के तहत यहां छह प्लेटफॉर्म बनाए गए हैं, ताकि भविष्य में प्रस्तावित दिल्ली-अलवर और दिल्ली-करनाल रैपिड रेल कॉरिडोर को भी इसी नेटवर्क से जोड़ा जा सके। यह एक ऐसा एकीकृत नेटवर्क होगा जो पूरे उत्तर भारत की कनेक्टिविटी को बदल कर रख देगा।
नारी शक्ति का नेतृत्व और स्मार्ट तकनीक की सौगात
इस परियोजना की सबसे बड़ी विशेषता ‘महिला सशक्तिकरण’ है, क्योंकि नमो भारत के परिचालन स्टाफ में लगभग 80 प्रतिशत महिलाएं शामिल हैं। यात्रियों की सुविधा के लिए पूरी तरह डिजिटल सिस्टम अपनाया गया है, जिसमें स्मार्ट टिकटिंग वेंडिंग मशीनें और QR कोड आधारित टिकट शामिल हैं।
ट्रेन के भीतर का नज़ारा किसी बुलेट ट्रेन से कम नहीं है। इसमें प्रीमियम कोच, लैपटॉप और मोबाइल चार्जिंग पॉइंट, आरामदायक सीटें, मैगजीन रैक और महिलाओं के लिए आरक्षित विशेष डिब्बे जैसी सुविधाएं दी गई हैं, जो यात्रा को सुरक्षित और आरामदायक बनाती हैं।

दानियाल, एक अनुभवी मल्टीमीडिया पत्रकार हैं। Hind 24 की डिजिटल डेस्क पर सीनियर पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 6 वर्षों का अनुभव है। Hind 24 पर तेज और विश्वसनीय अपडेट देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


