रोज सिर्फ 1 मैंगोस्टीन खाया, फिर जो हुआ उसे जानकर आप भी डाइट में कर लेंगे शामिल

Mangosteen Benefits: मैंगोस्टीन को सुपरफ्रूट माना जाता है, जो एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्वों से भरपूर होता है। जानिए नियमित रूप से मैंगोस्टीन खाने से इंसुलिन संवेदनशीलता, मसूड़ों के स्वास्थ्य, थकान और शरीर पर क्या संभावित सकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं।
by

Mangosteen Benefits In Hindi: मैंगोस्टीन एक ऐसा फल है जिसे पोषक तत्वों और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण “सुपरफ्रूट” माना जाता है। इसमें कई प्रकार के विटामिन और पौधों से मिलने वाले लाभकारी यौगिक पाए जाते हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, नियमित रूप से मैंगोस्टीन का सेवन शरीर को कई तरह से फायदा पहुंचा सकता है। विभिन्न अध्ययनों में इसके संभावित स्वास्थ्य लाभों को लेकर कई महत्वपूर्ण निष्कर्ष सामने आए हैं।

इंसुलिन पर सकारात्मक असर

अध्ययनों के अनुसार, मैंगोस्टीन इंसुलिन संवेदनशीलता को बेहतर बनाने में मदद कर सकता है। इंसुलिन वह हार्मोन है जो रक्त में मौजूद ग्लूकोज को कोशिकाओं तक पहुंचाने का काम करता है। एक नैदानिक परीक्षण में मोटापे से ग्रस्त महिलाओं को 26 सप्ताह तक प्रतिदिन 400 मिलीग्राम मैंगोस्टीन अर्क दिया गया। इस दौरान प्रतिभागियों ने नियंत्रित आहार और नियमित शारीरिक गतिविधि भी अपनाई। अध्ययन में इंसुलिन स्तर में कमी देखी गई, जिससे इसके संभावित लाभों की ओर संकेत मिलता है।

व्यायाम के दौरान कम हो सकती है थकान

शारीरिक गतिविधि के दौरान मांसपेशियों में थकान कई कारणों से हो सकती है, जिनमें अस्थिर प्रतिक्रियाशील अणुओं का बढ़ना भी शामिल है। मैंगोस्टीन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट इन अणुओं के प्रभाव को कम करने में मदद कर सकते हैं। इसी वजह से कुछ अध्ययनों में यह पाया गया कि मैंगोस्टीन व्यायाम के दौरान होने वाली शारीरिक थकान को कम करने में सहायक हो सकता है।

ये भी पढ़ें: थायराइड ठीक करना है तो पहले सुधारें ये 5 गलतियां, आयुर्वेदिक डॉक्टर ने दी खास सलाह

मसूड़ों की बीमारी में मिल सकता है लाभ

मसूड़ों की बीमारी या पेरियोडोंटाइटिस दांतों के आसपास होने वाला संक्रमण और सूजन है। शोध में पाया गया कि मैंगोस्टीन अर्क और प्रोपोलिस के सेवन से मसूड़ों की सूजन के शुरुआती चरण में सुधार देखा गया। एक अन्य अध्ययन में 4 प्रतिशत मैंगोस्टीन युक्त जेल के उपयोग से प्लाक और मसूड़ों से रक्तस्राव में कमी दर्ज की गई। शोधकर्ताओं का मानना है कि इसके जीवाणुरोधी और सूजनरोधी गुण इसमें भूमिका निभा सकते हैं।

शरीर को मिलते हैं एंटीऑक्सीडेंट

शरीर को मिलते हैं एंटीऑक्सीडेंट

मैंगोस्टीन में मौजूद अल्फा और बीटा-मैंगोस्टिन जैसे यौगिक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट गतिविधि दिखाते हैं। एंटीऑक्सीडेंट शरीर में फ्री रेडिकल्स के प्रभाव को कम करने में मदद करते हैं, जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकते हैं। कुछ अध्ययनों में मैंगोस्टीन जूस के सेवन से शरीर में एंटीऑक्सीडेंट स्तर बढ़ने की बात सामने आई है।

कैंसर पर भी हो रहा है अध्ययन

प्रयोगशाला और पशु अध्ययनों में मैंगोस्टीन के कुछ यौगिकों ने कैंसर कोशिकाओं के विकास को धीमा करने की क्षमता दिखाई है। विशेष रूप से कोलोन और स्तन कैंसर से जुड़े अध्ययनों में ऐसे संकेत मिले हैं। कुछ शोध यह भी बताते हैं कि मैंगोस्टीन कैंसर रोधी दवाओं की प्रभावशीलता बढ़ाने में सहायक हो सकता है। हालांकि, इन निष्कर्षों की पुष्टि के लिए मानवों पर और अधिक अध्ययन जरूरी हैं।

ये भी पढ़ें: अगर चाहते हैं मजबूत Bones और Active Body, तो आज से ही शुरू करें ये ड्राई फ्रूट खाना!

निष्कर्ष

मैंगोस्टीन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और अन्य लाभकारी तत्व इसे एक पोषक फल बनाते हैं। उपलब्ध शोध इसके कई संभावित स्वास्थ्य लाभों की ओर संकेत करते हैं, लेकिन कुछ दावों की पुष्टि के लिए अभी और वैज्ञानिक अध्ययन की आवश्यकता है।

Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के लिए है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी निर्णय या आहार में बदलाव से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

खबर शेयर करें: