Hypertension Crisis: दुनिया भर में तेजी से बढ़ता Hypertension यानी हाई ब्लड प्रेशर अब एक गंभीर वैश्विक स्वास्थ्य संकट का रूप ले चुका है। हाल ही में सामने आए एक बड़े अंतरराष्ट्रीय अध्ययन के अनुसार वर्ष 2020 तक दुनियाभर में करीब 1.71 अरब वयस्क हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित थे। यह संख्या वैश्विक वयस्क आबादी का लगभग 33 प्रतिशत है। विशेषज्ञों का कहना है कि Hypertension अब केवल बुजुर्गों की बीमारी नहीं रह गई, बल्कि खराब जीवनशैली, तनाव और असंतुलित खानपान के कारण युवाओं में भी तेजी से फैल रही है।
कम आय वाले देशों में Silent Killer का कहर सबसे ज्यादा
अध्ययन में सबसे चिंताजनक बात यह सामने आई कि Hypertension का सबसे ज्यादा बोझ निम्न और मध्यम आय वाले देशों पर पड़ रहा है। रिपोर्ट के अनुसार 1.71 अरब मरीजों में से लगभग 1.32 अरब लोग ऐसे देशों में रहते हैं, जबकि उच्च आय वाले देशों में यह संख्या करीब 40 करोड़ रही। विशेषज्ञों के मुताबिक स्वास्थ्य सुविधाओं की कमी, नियमित जांच का अभाव और जागरूकता की कमी इस तेजी से बढ़ते संकट की बड़ी वजहें हैं।
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केवल 20 प्रतिशत मरीजों का ही नियंत्रित था ब्लड प्रेशर
रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2020 में Hypertension से पीड़ित लोगों में से केवल 20 प्रतिशत लोगों का ब्लड प्रेशर नियंत्रित पाया गया। उच्च आय वाले देशों में Hypertension नियंत्रण की दर 40.2 प्रतिशत रही, जबकि निम्न और मध्यम आय वाले देशों में यह आंकड़ा सिर्फ 13.6 प्रतिशत दर्ज किया गया। इसका मतलब यह है कि करोड़ों लोग बिना सही इलाज और नियंत्रण के हाई ब्लड प्रेशर के साथ जीवन जी रहे हैं, जिससे हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी रोग जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
‘Silent Killer’ बनता जा रहा Hypertension
अमेरिका के टुलाने विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने Hypertension को “जिद्दी और घातक मौन महामारी” बताया है। डॉक्टरों का कहना है कि हाई ब्लड प्रेशर लंबे समय तक बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर को नुकसान पहुंचाता रहता है। इसी वजह से इसे “Silent Killer” कहा जाता है। कई लोग तब तक बीमारी का पता नहीं लगा पाते जब तक उन्हें हार्ट अटैक, ब्रेन स्ट्रोक या अन्य गंभीर स्वास्थ्य समस्या का सामना नहीं करना पड़ता।
119 देशों के आंकड़ों का किया गया विश्लेषण
यह अध्ययन अब तक Hypertension पर किए गए सबसे व्यापक वैश्विक विश्लेषणों में शामिल माना जा रहा है। शोधकर्ताओं ने 119 देशों में किए गए 287 जनसंख्या आधारित अध्ययनों के आंकड़ों का विश्लेषण किया। इसमें 60 लाख से अधिक लोगों का डेटा शामिल किया गया। अध्ययन में Hypertension की व्यापकता, जागरूकता, इलाज और नियंत्रण की स्थिति का 2000 से 2020 तक तुलनात्मक अध्ययन किया गया।
भारत में भी तेजी से बढ़ रही हाई ब्लड प्रेशर की समस्या
भारत में भी Hypertension तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य चुनौती बन चुका है। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे 2019-2020 के अनुसार देश में 24 प्रतिशत पुरुष और 21 प्रतिशत महिलाएं हाई ब्लड प्रेशर से प्रभावित थीं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि शहरी जीवनशैली, जंक फूड, अधिक नमक का सेवन, शारीरिक गतिविधियों की कमी और लगातार बढ़ता मानसिक तनाव Hypertension के मामलों को तेजी से बढ़ा रहा है।
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20 वर्षों में बढ़ी असमानता
- वर्ष 2000 में अनियंत्रित Hypertension वाले 70% लोग निम्न और मध्यम आय वाले देशों में रहते थे।
- वर्ष 2020 तक यह आंकड़ा बढ़कर 83% पहुंच गया।
- आर्थिक रूप से कमजोर देशों में स्वास्थ्य सेवाओं की सीमित पहुंच बड़ी वजह बनी।
- नियमित जांच और इलाज की कमी से Hypertension के मामले तेजी से बढ़े।
- विशेषज्ञों के अनुसार स्वास्थ्य असमानता लगातार गंभीर होती जा रही है।
अमीर देशों में बेहतर हुआ नियंत्रण
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष 2000 से 2020 के बीच उच्च आय वाले देशों में Hypertension को लेकर जागरूकता और इलाज में काफी सुधार हुआ। वहां जागरूकता दर 57.7 प्रतिशत से बढ़कर 69.2 प्रतिशत तक पहुंच गई। इसी तरह इलाज की दर 42.9 प्रतिशत से बढ़कर 66.3 प्रतिशत और नियंत्रण दर 16.4 प्रतिशत से बढ़कर 40.2 प्रतिशत हो गई। विशेषज्ञों का मानना है कि नियमित स्वास्थ्य जांच, बेहतर मेडिकल इंफ्रास्ट्रक्चर और हेल्थ एजुकेशन इसके पीछे प्रमुख कारण हैं।
गरीब देशों में सुधार की रफ्तार धीमी

दूसरी ओर निम्न और मध्यम आय वाले देशों में Hypertension नियंत्रण को लेकर प्रगति काफी धीमी रही। यहां जागरूकता 29.1 प्रतिशत से बढ़कर 46.1 प्रतिशत तक पहुंची, जबकि इलाज की दर केवल 20.7 प्रतिशत से बढ़कर 30.8 प्रतिशत तक ही पहुंच सकी। वहीं नियंत्रण दर 6.4 प्रतिशत से बढ़कर केवल 13.6 प्रतिशत तक पहुंची। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि समय रहते बड़े स्तर पर कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में Hypertension स्वास्थ्य व्यवस्था पर भारी दबाव डाल सकता है।
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लैटिन अमेरिका और दक्षिण एशिया में बढ़ती चिंता
अध्ययन में पाया गया कि वर्ष 2020 तक लैटिन अमेरिका, कैरेबियन और उप-सहारा अफ्रीका क्षेत्रों में Hypertension का सबसे अधिक प्रचलन था। वहीं सबसे ज्यादा मरीज पूर्वी एशिया और प्रशांत क्षेत्र में पाए गए, जिसके बाद दक्षिण एशिया का स्थान रहा। शोधकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि Hypertension की बढ़ती दर वैश्विक स्वास्थ्य के लिए आने वाले समय में बड़ा खतरा साबित हो सकती है।
जीवनशैली में बदलाव से कम हो सकता है खतरा
- संतुलित और पौष्टिक आहार लें।
- नियमित व्यायाम और शारीरिक गतिविधि करें।
- तनाव को नियंत्रित रखने की कोशिश करें।
- समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच करवाएं।
- खाने में नमक का सेवन कम करें।
- धूम्रपान और शराब से दूरी बनाए रखें।
- पर्याप्त और अच्छी नींद लें।
- Hypertension की शुरुआती पहचान और नियमित उपचार करवाएं।
Disclaimer: यह लेख विभिन्न शोध रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य अध्ययनों पर आधारित है। इसका उद्देश्य केवल सामान्य जानकारी प्रदान करना है। Hypertension या किसी भी स्वास्थ्य समस्या से जुड़ी सलाह, जांच और उपचार के लिए विशेषज्ञ डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें।
हाई ब्लड प्रेशर से जुड़े जरूरी सवाल और जवाब
Q1. Hypertension क्या है?
Hypertension यानी हाई ब्लड प्रेशर एक ऐसी स्थिति है, जिसमें धमनियों में रक्त का दबाव सामान्य से अधिक हो जाता है। लंबे समय तक यह समस्या रहने पर दिल, किडनी और मस्तिष्क पर गंभीर असर पड़ सकता है।
Q2. Hypertension को “Silent Killer” क्यों कहा जाता है?
Hypertension अक्सर बिना किसी स्पष्ट लक्षण के शरीर को नुकसान पहुंचाता रहता है। कई लोगों को इसका पता तब चलता है जब हार्ट अटैक, स्ट्रोक या अन्य गंभीर बीमारी हो जाती है।
Q3. Hypertension के मुख्य कारण क्या हैं?
असंतुलित खानपान, अधिक नमक का सेवन, तनाव, मोटापा, धूम्रपान, शराब, शारीरिक गतिविधि की कमी और खराब जीवनशैली इसके प्रमुख कारण माने जाते हैं।
Q4. क्या Hypertension युवाओं में भी बढ़ रहा है?
हाँ, विशेषज्ञों के अनुसार खराब लाइफस्टाइल और बढ़ते तनाव के कारण Hypertension अब युवाओं में भी तेजी से बढ़ रहा है।
Q5. Hypertension को नियंत्रित कैसे किया जा सकता है?
संतुलित आहार, नियमित व्यायाम, तनाव नियंत्रण, कम नमक का सेवन, पर्याप्त नींद और समय-समय पर ब्लड प्रेशर जांच से Hypertension को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
Q6. क्या Hypertension पूरी तरह ठीक हो सकता है?
Hypertension को पूरी तरह खत्म करना हमेशा संभव नहीं होता, लेकिन सही इलाज, दवाओं और स्वस्थ जीवनशैली से इसे प्रभावी तरीके से नियंत्रित किया जा सकता है।

तानिया, डिजिटल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक अनुभवी लेखिका हैं, जिन्हें हेल्थ और बिजनेस विषयों पर 4 वर्षों का अनुभव है। स्वास्थ्य और बिजनेस से जुड़ी सटीक व भरोसेमंद जानकारी साझा करती हैं और वर्तमान में Hind 24 के लिए कार्यरत हैं।






