Benefits Of Soaking Mangoes: गर्मियों का मौसम आते ही बाजार में दशहरी, लंगड़ा, अल्फांसो और चौसा जैसे कई तरह के आम दिखाई देने लगते हैं। फलों के राजा आम का स्वाद हर उम्र के लोगों को पसंद आता है। हालांकि, घर के बड़े-बुजुर्ग अक्सर आम खाने से पहले उसे पानी में भिगोने की सलाह देते हैं। यह केवल पारंपरिक आदत नहीं बल्कि इसके पीछे कुछ वैज्ञानिक कारण भी बताए जाते हैं।
गर्मी से राहत की सलाह
विशेषज्ञों के अनुसार, आम को कम से कम 30 मिनट से 1 घंटे तक पानी में भिगोकर रखने से उसमें मौजूद अतिरिक्त फाइटिक एसिड का प्रभाव कम करने में मदद मिल सकती है। फाइटिक एसिड एक प्राकृतिक अणु है जो कई फलों, सब्जियों और कुछ नट्स में पाया जाता है। माना जाता है कि सीधे आम खाने से कुछ लोगों को मुंह में छाले, पेट में जलन या शरीर में अधिक गर्मी जैसी समस्याएं महसूस हो सकती हैं, जबकि पानी में भिगोने से इसका असर हल्का पड़ सकता है।
ये भी पढ़ें: रोज सिर्फ 1 मैंगोस्टीन खाया, फिर जो हुआ उसे जानकर आप भी डाइट में कर लेंगे शामिल
त्वचा की जलन से बचाव
विशेषज्ञ यह भी बताते हैं कि आम को खाने से पहले कुछ समय तक पानी में रखने से उसकी सतह पर मौजूद सैप और सैप ऑयल की मात्रा कम हो सकती है। मैंगो सैप में पॉलीफेनोल्स, टैनिन और टेरपेन्स जैसे तत्व पाए जाते हैं, जो संवेदनशील त्वचा या एलर्जी वाले लोगों में खुजली, लालिमा और कुछ मामलों में फफोले जैसी समस्याएं पैदा कर सकते हैं। पानी इन जलन पैदा करने वाले तत्वों को पतला करने में मदद करता है, जिससे आम खाना अधिक सुरक्षित माना जाता है।
स्वाद और खुशबू में सुधार

आम को पानी में भिगोने का एक फायदा उसके स्वाद और बनावट से भी जुड़ा माना जाता है। खासकर ऐसे आम जो पूरी तरह पके नहीं हों या लंबे समय तक रेफ्रिजरेटर में रखे गए हों, उन्हें पानी में रखने से दोबारा हाइड्रेट होने में मदद मिल सकती है। आम में मौजूद कार्बनिक अम्ल और टेरपेन व एस्टर जैसे वाष्पशील यौगिक उसकी मिठास और सुगंध को बढ़ाते हैं। हवा, गर्मी या अत्यधिक ठंड के संपर्क में आने पर इनका प्रभाव कम हो सकता है, जबकि पानी में भिगोने से फल की प्राकृतिक मिठास और खुशबू कुछ हद तक वापस आने में मदद मिल सकती है।
ये भी पढ़ें: थायराइड ठीक करना है तो पहले सुधारें ये 5 गलतियां, आयुर्वेदिक डॉक्टर ने दी खास सलाह
Disclaimer: यह लेख सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें दी गई जानकारी विभिन्न विशेषज्ञों द्वारा बताए गए सामान्य तथ्यों और पारंपरिक मान्यताओं पर आधारित है। किसी भी स्वास्थ्य संबंधी समस्या, एलर्जी या विशेष चिकित्सीय स्थिति में आम के सेवन या आहार में बदलाव करने से पहले योग्य डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें।

तानिया, एक अनुभवी मल्टीमीडिया लेखिका हैं। Hind 24 की डिजिटल डेस्क पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता और डिजिटल कंटेंट लेखन के क्षेत्र में लगभग 4 वर्षों का अनुभव है।






