गन्ना किसानों की हुई बल्ले-बल्ले: सरकार दे रही 50% सब्सिडी पर स्प्रेयर, जानिए कैसे मिलेगा लाभ

Sprayer Subsidy Scheme: उत्तर प्रदेश सरकार गन्ना किसानों को 50% सब्सिडी पर पावर और बैटरी स्प्रेयर देने जा रही है। जानिए किन किसानों को मिलेगा लाभ, कितने स्प्रेयर बांटे जाएंगे और स्मार्ट उर्वरकों को बढ़ावा देने की सरकार की पूरी योजना क्या है।

Sprayer Subsidy Scheme 2026: उत्तर प्रदेश सरकार ने गन्ना किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों से जोड़ने और स्मार्ट उर्वरकों के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाया है। सरकार ने किसानों को 50 प्रतिशत अनुदान पर स्प्रेयर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है। इस पहल का उद्देश्य गन्ना खेती में रासायनिक उर्वरकों पर निर्भरता कम करना, उर्वरकों की उपयोग दक्षता बढ़ाना और खेती को अधिक लाभकारी बनाना है।

वर्चुअल कार्यशाला में लिया गया फैसला

यह निर्णय गन्ना विकास विभाग और इफको द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित एक वर्चुअल कार्यशाला में लिया गया। कार्यशाला की अध्यक्षता आयुक्त, गन्ना एवं चीनी ने की। इसमें प्रदेश की विभिन्न चीनी मिलों, गन्ना समितियों और कृषि विशेषज्ञों ने भाग लेकर आधुनिक खेती से जुड़े विषयों पर चर्चा की।

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15 हजार किसानों को मिलेगा लाभ

योजना के तहत प्रदेश की गन्ना समितियों के माध्यम से कुल 15 हजार स्प्रेयर किसानों को उपलब्ध कराए जाएंगे। इनमें 5,000 पावर स्प्रेयर और 10,000 बैटरी स्प्रेयर शामिल हैं। इन उपकरणों पर 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जाएगा। विशेषज्ञों का मानना है कि स्प्रेयर के माध्यम से नैनो उर्वरक, जैव उर्वरक और अन्य तरल पोषक तत्वों का छिड़काव अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सकेगा, जिससे उर्वरकों की बर्बादी कम होगी।

स्मार्ट उर्वरकों के उपयोग पर फोकस

स्मार्ट उर्वरकों के उपयोग पर फोकस

कार्यशाला में इफको के विशेषज्ञों ने नैनो यूरिया प्लस, नैनो डीएपी, सागरिका, जैव उर्वरक और वाटर सॉल्युबल फर्टिलाइजर जैसे उत्पादों के उपयोग की जानकारी दी। विशेषज्ञों के अनुसार इनका संतुलित और वैज्ञानिक उपयोग खेती की लागत कम करने के साथ मिट्टी की गुणवत्ता सुधारने में भी सहायक हो सकता है। साथ ही यह टिकाऊ कृषि प्रणाली को बढ़ावा देने में मददगार माना जा रहा है।

प्रदर्शन प्लॉट से मिलेगा व्यावहारिक अनुभव

नई तकनीकों को किसानों तक पहुंचाने के लिए प्रदेश के प्रत्येक चीनी मिल क्षेत्र में पांच-पांच प्रदर्शन प्लॉट स्थापित किए जाएंगे। इन प्लॉटों पर स्मार्ट उर्वरकों और आधुनिक कृषि तकनीकों का प्रदर्शन होगा। फसल तैयार होने के बाद किसान गोष्ठियों का आयोजन कर किसानों को इनके परिणाम और उपयोग की जानकारी दी जाएगी।

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गुणवत्ता और पर्यावरण पर विशेष जोर

बैठक में चीनी मिलों को निर्देश दिए गए कि किसानों को केवल स्वीकृत और मानक खाद तथा कीटनाशक ही उपलब्ध कराए जाएं। इसके अलावा “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत गन्ना समितियों, परिषदों और क्षेत्रीय कार्यालयों में वृक्षारोपण कार्यक्रम चलाने का भी निर्णय लिया गया।

किसानों की आय बढ़ाने की उम्मीद

विशेषज्ञों का मानना है कि स्प्रेयर पर सब्सिडी और स्मार्ट उर्वरकों के बढ़ते उपयोग से किसानों की लागत घट सकती है तथा उत्पादन क्षमता और फसल गुणवत्ता में सुधार हो सकता है। सरकार की यह पहल गन्ना खेती को अधिक टिकाऊ, पर्यावरण अनुकूल और लाभकारी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

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