महाराष्ट्र के किसानों के लिए खुशखबरी: 2 लाख रुपये तक का कर्ज माफ, साथ में 50,000 रुपये बोनस भी

Farm Loan Waiver 2026: किसानों के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई है, जिसके तहत 2 लाख रुपये तक का कृषि ऋण माफ किया जाएगा। इसके साथ ही पात्र किसानों को 50,000 रुपये का अतिरिक्त बोनस भी दिया जाएगा।

Farm Loan Waiver Yojana: महाराष्ट्र सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देते हुए 2 लाख रुपये तक के कृषि ऋण माफ करने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। सरकार का अनुमान है कि इस योजना से राज्य के करीब 56 लाख किसानों को लाभ मिलेगा। इस योजना को “पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर शेतकरी कर्जमुक्ती योजना” नाम दिया गया है।

योजना का दायरा और लाभ

इस Farm Loan Waiver योजना के तहत जिन किसानों ने अल्पकालीन फसल ऋण लिया है और जिनका कुल बकाया 2 लाख रुपये तक है, उनका पूरा कर्ज माफ किया जाएगा। सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य किसानों को आर्थिक बोझ से राहत देना और उनकी वित्तीय स्थिति को मजबूत करना है, जिससे कृषि क्षेत्र को स्थिरता मिल सके।

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पात्रता की शर्तें तय

सरकारी नियमों के अनुसार यह लाभ उन्हीं किसानों को मिलेगा जिन्होंने 1 अप्रैल 2019 से 31 मार्च 2025 के बीच कृषि ऋण लिया है। साथ ही यह भी जरूरी है कि उनका ऋण 30 सितंबर 2025 तक बकाया हो और 31 मार्च 2026 तक पूरी तरह चुकाया न गया हो। इन शर्तों के आधार पर ही लाभार्थियों की सूची तैयार की जाएगी।

अधिक कर्ज पर विशेष प्रावधान

अधिक कर्ज पर विशेष प्रावधान

2 लाख रुपये से अधिक बकाया ऋण वाले किसानों के लिए भी राहत का प्रावधान किया गया है। ऐसे किसानों को पहले अतिरिक्त बकाया राशि स्वयं जमा करनी होगी, जिसके बाद उन्हें 2 लाख रुपये तक की कर्ज माफी का लाभ मिलेगा। इसके लिए किसानों को 31 मार्च 2027 तक का समय दिया गया है।

समय पर भुगतान पर बोनस

राज्य सरकार ने समय पर ऋण चुकाने वाले किसानों को भी प्रोत्साहित करने की घोषणा की है। वित्त वर्ष 2022-23, 2023-24 और 2024-25 में से कम से कम दो वर्षों तक समय पर फसल ऋण चुकाने वाले किसानों को अधिकतम 50,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी, बशर्ते वर्तमान वर्ष का ऋण भी समय पर चुकाया गया हो।

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किन्हें नहीं मिलेगा लाभ

इस योजना से कुछ वर्गों को बाहर रखा गया है। इसमें राजनीतिक पदाधिकारी, सरकारी कर्मचारी, आयकरदाता और सहकारी संस्थाओं में 25 हजार रुपये से अधिक मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारी शामिल हैं। सरकार का कहना है कि यह कदम केवल वास्तविक जरूरतमंद किसानों तक लाभ पहुंचाने के लिए उठाया गया है।

डिजिटल प्रक्रिया और प्रतिक्रिया

योजना का लाभ लेने के लिए आधार आधारित सत्यापन और एग्रीस्टैक पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य होगा। सरकार इसके लिए डिजिटल पोर्टल भी तैयार करेगी। इस घोषणा पर विपक्ष और किसान संगठनों ने प्रभावी क्रियान्वयन की मांग की है। वहीं कई संगठनों ने कर्ज सीमा बढ़ाने और बोनस राशि में वृद्धि की भी मांग रखी है। यह योजना किसानों को आर्थिक सहारा देने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में वित्तीय अनुशासन बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

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