
अंतरराष्ट्रीय गणित दिवस पर आयोजित Pi Day समारोह..
International Mathematics Day – Pi Day: जौनपुर स्थित वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के प्रो. राजेंद्र सिंह (रज्जू भैया) भौतिकीय विज्ञान अध्ययन एवं शोध संस्थान में शनिवार को अंतरराष्ट्रीय गणित दिवस के अवसर पर ‘पाई डे’ समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में गणित के महत्व, उसके वैज्ञानिक और तकनीकी उपयोग तथा दैनिक जीवन में उसकी भूमिका पर विस्तृत चर्चा की गई। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के शिक्षक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों में गणित के प्रति रुचि बढ़ाना और वैज्ञानिक सोच को मजबूत करना था।
अध्यक्षीय संबोधन में गणित की भूमिका पर जोर
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए संस्थान के निदेशक प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि गणित केवल संख्याओं और सूत्रों तक सीमित विषय नहीं है, बल्कि यह तार्किक सोच, विश्लेषणात्मक क्षमता और समस्या समाधान की योग्यता विकसित करने वाला सबसे महत्वपूर्ण विषय है। उन्होंने कहा कि आज का आधुनिक युग विज्ञान और तकनीक का युग है, और इन सभी क्षेत्रों की मूल संरचना गणित पर आधारित है। गणित के बिना वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी विकास की कल्पना करना भी संभव नहीं है।
आधुनिक विज्ञान और तकनीक की आधारशिला
प्रो. यादव ने अपने संबोधन में बताया कि आज विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग, कंप्यूटर विज्ञान, अर्थशास्त्र और डेटा विश्लेषण जैसे लगभग सभी क्षेत्रों की बुनियाद गणित से जुड़ी हुई है। उन्होंने कहा कि आधुनिक डिजिटल तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, अंतरिक्ष अनुसंधान और वित्तीय प्रणाली जैसे जटिल क्षेत्रों में भी गणित की अहम भूमिका होती है। इसलिए विद्यार्थियों को गणित को केवल परीक्षा का विषय नहीं बल्कि जीवन और करियर के महत्वपूर्ण आधार के रूप में समझना चाहिए।
ये भी पढ़ें: Anna University ने जारी किए डिस्टेंस एजुकेशन और स्पेशल एग्जाम के नतीजे, यहाँ देखें अपना स्कोरकार्ड!
‘पाई’ स्थिरांक का वैज्ञानिक महत्व
कार्यक्रम के दौरान प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने π (पाई) को गणित का अत्यंत महत्वपूर्ण स्थिरांक बताते हुए उसके वैज्ञानिक महत्व पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि पाई का उपयोग वृत्त की परिधि और क्षेत्रफल की गणना में किया जाता है और यही कारण है कि इंजीनियरिंग, भौतिकी, वास्तुकला और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे कई क्षेत्रों में इसका व्यापक उपयोग होता है। उन्होंने यह भी बताया कि गणित के ऐसे मूलभूत सिद्धांतों ने मानव सभ्यता के वैज्ञानिक विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
अंतरराष्ट्रीय गणित दिवस मनाने का उद्देश्य
गणित विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. मिथिलेश सिंह ने अंतरराष्ट्रीय गणित दिवस मनाने के उद्देश्य को स्पष्ट करते हुए कहा कि इस दिवस का मुख्य लक्ष्य समाज और विशेष रूप से विद्यार्थियों में गणित के प्रति रुचि और जागरूकता को बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि गणित केवल कक्षा में पढ़ाई जाने वाली अवधारणा नहीं है, बल्कि यह हमारे दैनिक जीवन के लगभग हर कार्य में उपयोगी है। चाहे समय की गणना हो, दूरी का आकलन हो या वित्तीय लेन-देन, हर जगह गणित का महत्व दिखाई देता है।
दैनिक जीवन में गणित का व्यावहारिक उपयोग
प्रो. मिथिलेश सिंह ने कहा कि आधुनिक तकनीकी उपकरणों के संचालन से लेकर डिजिटल भुगतान प्रणाली तक हर जगह गणित की मूलभूत अवधारणाएं काम करती हैं। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि यदि वे गणित को सही दृष्टिकोण से समझें और अभ्यास करें, तो यह विषय उनके लिए नए अवसरों के द्वार खोल सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि गणित में अनुसंधान के क्षेत्र में भी युवाओं के लिए व्यापक संभावनाएं मौजूद हैं।
विशेषज्ञों ने साझा किए गणित के विविध आयाम
कार्यक्रम के दौरान गणित विभाग के डॉ. दीपक कुमार मौर्य, डॉ. आशीष वर्मा और सौरभ सिंह ने भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने गणित के विभिन्न आयामों, अनुसंधान के नए क्षेत्रों और वैज्ञानिक खोजों में गणित की भूमिका पर चर्चा की। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को गणितीय अनुसंधान की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया और बताया कि यह विषय भविष्य की वैज्ञानिक प्रगति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
ये भी पढ़ें: DRDO CEPTAM 11 Admit Card: जल्द जारी होंगे एडमिट कार्ड, 23 मार्च को होगी परीक्षा
विद्यार्थियों में जिज्ञासा और वैज्ञानिक सोच को बढ़ावा
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में गणित के प्रति जिज्ञासा और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करना था। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों ने कहा कि यदि विद्यार्थियों में गणित के प्रति रुचि पैदा हो जाए तो वे जटिल समस्याओं को भी आसानी से हल करने की क्षमता विकसित कर सकते हैं। ऐसे कार्यक्रम विद्यार्थियों को प्रेरित करने के साथ-साथ उन्हें शोध और नवाचार की दिशा में आगे बढ़ने के लिए भी प्रोत्साहित करते हैं।
शिक्षक, शोधार्थी और छात्रों की सहभागिता
कार्यक्रम में संस्थान के प्रो. देवराज सिंह, प्रो. प्रमोद कुमार, डॉ. नीरज अवस्थी, डॉ. पुनीत धवन, डॉ. धीरेन्द्र चौधरी, डॉ. आलोक वर्मा और डॉ. संदीप वर्मा सहित कई शिक्षकगण, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। सभी ने मिलकर अंतरराष्ट्रीय गणित दिवस के महत्व को समझा और इस विषय को आगे बढ़ाने के लिए सकारात्मक पहल करने का संकल्प भी लिया।

दानियाल, एक अनुभवी मल्टीमीडिया पत्रकार हैं। Hind 24 की डिजिटल डेस्क पर सीनियर पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 6 वर्षों का अनुभव है। Hind 24 पर तेज और विश्वसनीय अपडेट देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


