
UPSC रैंक और उपलब्धियों से चर्चा में आए अंशिका वर्मा और कृष्णा बिश्नोई | Image - X/@Krishan_IPS
UPSC Success Story: यूपी के संभल के पुलिस अधीक्षक कृष्णा बिश्नोई और आईपीएस अधिकारी अंशिका वर्मा की शादी इन दिनों चर्चा का केंद्र बनी हुई है। हालांकि यह चर्चा सिर्फ उनकी शादी तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे कहीं ज्यादा लोगों का ध्यान उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों और UPSC परीक्षा में हासिल की गई रैंक पर है। दोनों अधिकारियों की मेहनत, पढ़ाई और सफलता की कहानी युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनती जा रही है। यह जोड़ी न केवल व्यक्तिगत जीवन में बल्कि अपने करियर और काबिलियत के कारण भी खास पहचान बना रही है।
UPSC रैंक और डिग्री बनी चर्चा का मुख्य कारण
अंशिका वर्मा और कृष्णा बिश्नोई की शैक्षणिक यात्रा और UPSC में उनकी सफलता आज लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। आमतौर पर किसी अधिकारी की शादी सुर्खियां बनती है, लेकिन इस मामले में उनकी डिग्रियां, पढ़ाई का स्तर और रैंक ने ज्यादा ध्यान खींचा है। यही वजह है कि यह कपल युवाओं के लिए एक रोल मॉडल के रूप में उभर रहा है।
गोरखपुर में हुई थी मुलाकात
दोनों अधिकारियों की पहली मुलाकात गोरखपुर में हुई थी, जहां कृष्णा बिश्नोई एसपी सिटी के पद पर तैनात थे और अंशिका वर्मा एएसपी के रूप में कार्यरत थीं। इसी दौरान दोनों के बीच परिचय बढ़ा और धीरे-धीरे यह रिश्ता मजबूत होता गया। ड्यूटी के दौरान शुरू हुई यह मुलाकात अब जीवनसाथी के रिश्ते में बदलने जा रही है। उनकी शादी का कार्यक्रम तीन दिनों तक चलने वाला है, जिसमें कई खास रस्में शामिल होंगी।
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कानून व्यवस्था और एक्शन से मिली पहचान
कृष्णा बिश्नोई ने संभल में मस्जिद प्रकरण के दौरान कानून व्यवस्था को संभालकर अपनी प्रशासनिक क्षमता का परिचय दिया था, जिसके बाद वह चर्चा में आए। वहीं अंशिका वर्मा ने बरेली में अपने सख्त और प्रभावी एक्शन से लोगों का ध्यान आकर्षित किया। दोनों अधिकारियों ने अपने-अपने कार्यक्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर यह साबित किया है कि वे सिर्फ नाम के नहीं, बल्कि काम के भी अधिकारी हैं।
अंशिका वर्मा की पढ़ाई

अंशिका वर्मा उत्तर प्रदेश के प्रयागराज की रहने वाली हैं। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा पूरी करने के बाद नोएडा स्थित गलगोटिया कॉलेज से इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन में बीटेक किया। इसके बाद उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी करने का निर्णय लिया। खास बात यह है कि उन्होंने बिना किसी कोचिंग के साल 2020 में 136वीं रैंक हासिल की और आईपीएस अधिकारी बनीं। यह उपलब्धि उनकी मेहनत और आत्मविश्वास को दर्शाती है।
महिला सशक्तिकरण में भी निभा रहीं अहम भूमिका
अंशिका वर्मा वर्तमान में बरेली में एसपी साउथ के पद पर तैनात हैं और अपने कार्यों के लिए जानी जाती हैं। वर्ष 2025 में उन्हें महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए वुमेन आइकन अवॉर्ड से सम्मानित किया गया। उनकी कार्यशैली और निर्णय क्षमता ने उन्हें एक प्रभावी और प्रेरणादायक अधिकारी बना दिया है।
कृष्णा बिश्नोई की इंटरनेशनल एजुकेशन

कृष्णा बिश्नोई राजस्थान के रहने वाले हैं और 2018 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। उन्होंने दिल्ली के प्रतिष्ठित सेंट स्टीफेंस कॉलेज से ग्रेजुएशन किया। इसके बाद उन्होंने फ्रांस के पेरिस स्कूल ऑफ इंटरनेशनल अफेयर्स से इंटरनेशनल सिक्योरिटी में पोस्ट ग्रेजुएशन किया। इस दौरान उन्हें एक उच्च वेतन वाली नौकरी का ऑफर भी मिला, लेकिन उन्होंने इसे ठुकराकर भारत लौटने और UPSC की तैयारी करने का फैसला किया।
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UPSC में सफलता और सेवा का संकल्प
कृष्णा बिश्नोई ने अपनी मेहनत और लगन से UPSC परीक्षा में 174वीं रैंक हासिल की और आईपीएस अधिकारी बने। उनका यह निर्णय दर्शाता है कि उन्होंने निजी लाभ से ज्यादा देश सेवा को प्राथमिकता दी। आज वह संभल में पुलिस अधीक्षक के रूप में अपनी जिम्मेदारियों का सफलतापूर्वक निर्वहन कर रहे हैं।
युवाओं के लिए प्रेरणा बना यह कपल
अंशिका वर्मा और कृष्णा बिश्नोई की कहानी सिर्फ एक शादी की कहानी नहीं है, बल्कि यह मेहनत, समर्पण और सही निर्णयों की मिसाल है। दोनों अधिकारियों ने यह साबित किया है कि सफलता के लिए मजबूत इच्छाशक्ति और निरंतर प्रयास जरूरी है। यही कारण है कि यह कपल आज युवाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बन चुका है।

नगमा, एक प्रोफेशनल डिजिटल कंटेंट राइटर हैं, जिन्हें लाइफस्टाइल, शिक्षा, रोजगार और सरकारी योजनाओं जैसे विषयों पर लिखने का 3 साल का अनुभव है। वर्तमान में वह Hind 24 के साथ जुड़ी हुई हैं।


