TATA ने खोला खजाना, 2000 करोड़ रुपये के महादान से UP समेत 5 शहरों की बदल जाएगी तस्वीर

Tata Trusts 2000 Crore Donation: टाटा ट्रस्ट्स वित्त वर्ष 2026-27 में 2,000 करोड़ रुपये के दान की तैयारी कर रहा है। इस पहल के तहत यूपी समेत पांच राज्यों में सस्ती कैंसर देखभाल और स्नातक शिक्षा के लिए वर्ल्ड-क्लास यूनिवर्सिटी स्थापित करने पर फोकस रहेगा।
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Tata Trusts 2000 Crore Donation: टाटा ट्रस्ट्स ने वित्त वर्ष 2026-27 के दौरान अपने दान खर्च को बढ़ाकर करीब 2,000 करोड़ रुपये करने की योजना बनाई है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर और जरूरतमंद वर्गों तक बेहतर स्वास्थ्य और शिक्षा सुविधाएं पहुंचाना है। ट्रस्ट का फोकस सस्ती कैंसर देखभाल और उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा उपलब्ध कराने पर रहेगा।

दान राशि में होगी बड़ी बढ़ोतरी

टाटा ट्रस्ट्स के सीईओ सिद्धार्थ शर्मा ने बताया कि पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में ट्रस्ट्स ने लगभग 1,600 करोड़ रुपये का दान खर्च किया था। अब इस राशि को बढ़ाकर करीब 2,000 करोड़ रुपये करने की योजना बनाई गई है। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट का मकसद समाज के उन लोगों तक सहायता पहुंचाना है जो विकास की मुख्यधारा से दूर हैं।

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पांच राज्यों में सस्ती कैंसर देखभाल पर जोर

  1. असम में सस्ती और बेहतर कैंसर उपचार सेवाओं का विस्तार।
  2. महाराष्ट्र में गुणवत्ता वाली कैंसर देखभाल पर विशेष फोकस।
  3. झारखंड के मरीजों को आसान और किफायती इलाज की सुविधा।
  4. आंध्र प्रदेश में बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच बढ़ाने की पहल।
  5. उत्तर प्रदेश में अधिक लोगों को सस्ती कैंसर उपचार सुविधाएं उपलब्ध कराने का लक्ष्य।

वर्ल्ड-क्लास यूनिवर्सिटी स्थापित करने की तैयारी

टाटा ट्रस्ट्स एक प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान के साथ मिलकर स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय स्थापित करने की दिशा में भी काम कर रहा है। इस परियोजना का उद्देश्य छात्रों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा और आधुनिक शैक्षणिक माहौल उपलब्ध कराना है।

ट्रस्टियों के बीच मतभेद भी चर्चा में

सिद्धार्थ शर्मा की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब टाटा ट्रस्ट्स के ट्रस्टियों के बीच टाटा संस की सार्वजनिक लिस्टिंग को लेकर मतभेद सामने आए हैं। टाटा ट्रस्ट्स, टाटा संस की लगभग 66 प्रतिशत हिस्सेदारी नियंत्रित करता है और यह विवाद पिछले साल से चर्चा का विषय बना हुआ है। रिपोर्ट के अनुसार, इस मामले में गृह मंत्री अमित शाह और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के हस्तक्षेप की भी आवश्यकता पड़ी है।

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लिस्टिंग और जांच को लेकर बढ़ी हलचल

रिपोर्ट के अनुसार, टाटा ट्रस्ट्स के चेयरमैन नोएल टाटा टाटा संस की सार्वजनिक लिस्टिंग के पक्ष में नहीं हैं, जबकि वाइस चेयरमैन वेणु श्रीनिवासन और ट्रस्टी तथा पूर्व रक्षा सचिव विजय सिंह इसका समर्थन कर रहे हैं। वहीं, सर रतन टाटा ट्रस्ट के ट्रस्टी बोर्ड की संरचना से जुड़े नियमों के कथित उल्लंघन के मामले में महाराष्ट्र राज्य चैरिटी कमिश्नर ने जांच भी शुरू की है। इन घटनाक्रमों के बीच टाटा ट्रस्ट्स ने समाज सेवा और जनकल्याण से जुड़े अपने बड़े निवेश की योजना को आगे बढ़ाने का संकेत दिया है।

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