
एमसीएक्स पर चांदी और सोना दोनों में बड़ी गिरावट दर्ज (Image - Vecteezy)
Silver Rate Today: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध और वैश्विक अस्थिरता के बीच जहां आमतौर पर सोना-चांदी जैसी सुरक्षित निवेश संपत्तियां मजबूत होती हैं, वहीं इस बार उल्टा देखने को मिला है। गुरुवार को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर चांदी की कीमतों में जबरदस्त गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों को बड़ा झटका देते हुए चांदी के दाम अचानक धड़ाम हो गए और बाजार में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
चांदी में 12% की भारी गिरावट
गुरुवार शाम करीब 6:15 बजे चांदी के वायदा भाव में 12 प्रतिशत की बड़ी गिरावट देखने को मिली, जिसके चलते लोअर सर्किट लग गया। एक ही दिन में चांदी करीब 29,700 रुपये प्रति किलो तक सस्ती हो गई। यह गिरावट इतनी तेज थी कि निवेशकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। इस गिरावट के बाद बाजार में भारी बिकवाली का दबाव साफ दिखाई दिया।
ऑल टाइम हाई से 2 लाख रुपये सस्ती हुई चांदी

अगर चांदी के पिछले रिकॉर्ड स्तर से तुलना करें, तो गिरावट और भी चौंकाने वाली है। 29 जनवरी को चांदी का भाव 4,20,048 रुपये प्रति किलो के लाइफटाइम हाई पर पहुंचा था। लेकिन अब यह कीमत गिरकर करीब 2,18,411 रुपये प्रति किलो पर आ गई है। यानी चांदी अपने उच्चतम स्तर से 2 लाख रुपये से ज्यादा सस्ती हो चुकी है, जो निवेशकों के लिए बड़ा नुकसान साबित हुआ है।
सोना भी नहीं बचा, 6% गिरकर 9 हजार सस्ता

चांदी के साथ-साथ सोने की कीमतों में भी बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। MCX पर 2 अप्रैल एक्सपायरी वाले सोने का भाव बुधवार को 1,53,025 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था, जो गुरुवार को 6 प्रतिशत गिरकर 1,43,844 रुपये पर पहुंच गया। इस तरह सोना एक ही दिन में करीब 9,000 रुपये तक सस्ता हो गया। अपने ऑल टाइम हाई 1,93,096 रुपये के मुकाबले सोना अब लगभग 50,000 रुपये तक नीचे आ चुका है।
अमेरिकी फेड की नीति से बढ़ा दबाव
सोना-चांदी में इस बड़ी गिरावट के पीछे अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति को एक प्रमुख कारण माना जा रहा है। फेड ने ब्याज दरों को स्थिर रखने का फैसला लिया है, जिससे बाजार में अनिश्चितता बढ़ी है। निवेशकों को लग रहा है कि लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरें बनी रह सकती हैं, जिससे कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है।
डॉलर की मजबूती ने बिगाड़ा खेल
एक और अहम वजह डॉलर की मजबूती है। वैश्विक स्तर पर निवेशक सुरक्षित निवेश के तौर पर डॉलर की ओर रुख कर रहे हैं, जिससे डॉलर इंडेक्स मजबूत हुआ है। जब डॉलर मजबूत होता है, तो सोना-चांदी जैसी धातुएं कमजोर पड़ती हैं। यही कारण है कि इस बार जियो-पॉलिटिकल तनाव के बावजूद भी सोना-चांदी में तेजी नहीं आई, बल्कि भारी गिरावट देखने को मिली।
क्रूड ऑयल और महंगाई का असर
मिडिल ईस्ट में हो रहे हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने की आशंका के चलते कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है। इससे वैश्विक स्तर पर महंगाई बढ़ने का खतरा पैदा हो गया है। महंगाई बढ़ने की आशंका के चलते केंद्रीय बैंक सख्त रुख अपना सकते हैं, जिससे भी सोना-चांदी पर दबाव बना है।
निवेशकों के लिए चेतावनी भरा संकेत
इस पूरी स्थिति को देखते हुए बाजार विशेषज्ञ निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दे रहे हैं। सोना-चांदी में आई यह गिरावट बताती है कि बाजार फिलहाल बेहद अस्थिर है। ऐसे में बिना सलाह के निवेश करना जोखिम भरा साबित हो सकता है। निवेशकों को चाहिए कि वे बाजार की चाल को समझकर ही निर्णय लें।
सोना-चांदी कीमत गिरावट का चार्ट
| धातु | पिछला बंद भाव | मौजूदा भाव | गिरावट (%) | गिरावट (रुपये में) | ऑल टाइम हाई | हाई से गिरावट |
|---|---|---|---|---|---|---|
| चांदी (प्रति किलो) | ₹2,48,194 | ₹2,18,411 | 12% | ₹29,700 ↓ | ₹4,20,048 | ₹2,00,000+ ↓ |
| सोना (10 ग्राम) | ₹1,53,025 | ₹1,43,844 | 6% | ₹9,000 ↓ | ₹1,93,096 | ₹50,000 ↓ |
Disclaimer: यह जानकारी केवल सामान्य समाचार और सूचना के उद्देश्य से दी गई है। सोना-चांदी या किसी भी निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार की सलाह अवश्य लें।

अजय सिंह, पिछले 4 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अनुभव रखते हैं। राजनीति, खेल, बिजनेस और नेशनल न्यूज़ पर खास पकड़ है। फिलहाल Hind 24 के लिए कार्यरत हैं।


