
ईरान-इजरायल तनाव के बीच 82 डॉलर पार पहुंचा ब्रेंट क्रूड (Image - Unsplash)
Petrol Diesel Price on Holi: होली के मौके पर अगर आप घर से बाहर निकलने की तैयारी कर रहे हैं तो एक बार अपने शहर में पेट्रोल-डीजल की कीमत जरूर जांच लें। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में जबरदस्त उछाल देखने को मिला है।
ईरान-इजरायल संघर्ष के चलते ब्रेंट क्रूड 82 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 75 डॉलर के स्तर से ऊपर कारोबार कर रहा है। हालांकि फिलहाल राहत की बात यह है कि भारतीय ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने आज खुदरा कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है।
दिल्ली में क्या है ताजा रेट

राजधानी दिल्ली में इंडियन ऑयल के पंपों पर पेट्रोल की खुदरा कीमत ₹94.77 प्रति लीटर और डीजल ₹87.67 प्रति लीटर बनी हुई है। पिछले कुछ समय से घरेलू स्तर पर कीमतें स्थिर हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजार में आई तेजी से आने वाले दिनों में दबाव बढ़ सकता है। तेल कंपनियां वैश्विक रुझानों पर लगातार नजर बनाए हुए हैं।
दो दिनों में 12% की छलांग
ब्रेंट क्रूड की कीमतों में पिछले दो दिनों में करीब 12% की तेजी दर्ज की गई है। यह साल 2020 के बाद सबसे बड़ी दो दिवसीय बढ़त मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, अगर कच्चे तेल में हर 1 डॉलर की बढ़ोतरी होती है तो भारत के सालाना आयात बिल में लगभग 2 अरब डॉलर का अतिरिक्त बोझ जुड़ जाता है। ऐसे में मौजूदा उछाल देश की अर्थव्यवस्था और महंगाई दोनों पर असर डाल सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव चरम पर
दुनिया की तेल सप्लाई की लाइफलाइन माने जाने वाले Strait of Hormuz में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं। ईरान ने इस अहम जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों को सख्त चेतावनी दी है। बताया जा रहा है कि प्रतिदिन करीब 1.98 करोड़ बैरल कच्चे तेल की आपूर्ति इसी रास्ते से होती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की बाधा वैश्विक आपूर्ति शृंखला को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।
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700 से अधिक तेल टैंकर फंसे
तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य के दोनों छोर पर 700 से अधिक तेल टैंकर फंसे होने की खबर है। जहाजों की आवाजाही बाधित होने से सप्लाई में अनिश्चितता बढ़ गई है। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति लंबी चली तो तेल की कीमतों में और उछाल आ सकता है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता और बढ़ेगी।
अमेरिका का जहाजों को बीमा और सुरक्षा देने का ऐलान

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने घोषणा की है कि अमेरिकी अंतर्राष्ट्रीय विकास वित्त निगम (DFC) जरूरत पड़ने पर जहाजों को बीमा कवर देगा और नौसैनिक सुरक्षा भी मुहैया कराएगा। इस कदम का उद्देश्य ऊर्जा और अन्य आवश्यक व्यापार को सुचारू रखना है। हालांकि ईरान ने इस घोषणा के बाद भी अपनी चेतावनी दोहराई है।
उत्पादन ठप होने का खतरा गहराया
मध्य-पूर्व के कई प्रमुख उत्पादक देशों पर उत्पादन ठप होने का खतरा मंडरा रहा है। ओपेक के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक इराक ने अपने प्रमुख तेल क्षेत्रों रुमैला और वेस्ट कुरना 2 परियोजना को बंद करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यदि यह बंदी पूरी तरह लागू होती है तो इराक के अधिकांश उत्पादन पर असर पड़ सकता है। वहीं सऊदी अरब में प्रमुख तेल भंडारण स्थलों के तेजी से भरने की भी खबर है।
रिफाइनरी और गैस संयंत्र भी प्रभावित
हमलों और जवाबी कार्रवाइयों के कारण एक बड़ी रिफाइनरी और गैस निर्यात संयंत्र को बंद करना पड़ा है। इससे न केवल कच्चे तेल बल्कि गैस और पेट्रोलियम उत्पादों की आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है। ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितता ने निवेशकों और सरकारों दोनों की चिंता बढ़ा दी है।
वैश्विक ऊर्जा संकट की आशंका तेज
अंतरराष्ट्रीय विश्लेषकों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में सामान्य यातायात जल्द बहाल नहीं हुआ तो वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा सकता है। ब्रेंट क्रूड के प्रॉम्प्ट स्प्रेड में आई तेजी बाजार में निकट भविष्य की तंगी का संकेत दे रही है। इससे संकेत मिलता है कि खरीदार तत्काल आपूर्ति के लिए ज्यादा कीमत चुकाने को तैयार हैं।
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IEA की आपात बैठक और भंडार की जानकारी
संकट के बीच International Energy Agency (IEA) ने अनिर्धारित बैठक बुलाई है। एजेंसी ने जानकारी दी है कि सदस्य देशों के पास 1 अरब बैरल से अधिक आपातकालीन भंडार उपलब्ध है, जिसे जरूरत पड़ने पर बाजार में उतारा जा सकता है। अमेरिका में भी कच्चे तेल के भंडार में बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जिससे आंशिक राहत की उम्मीद जताई जा रही है।
बाजार में अनिश्चितता और उपभोक्ताओं की चिंता
हालांकि भारत में अभी पेट्रोल-डीजल की कीमतें स्थिर हैं, लेकिन वैश्विक बाजार में जारी उथल-पुथल का असर आने वाले दिनों में दिख सकता है। होली जैसे त्योहार के दौरान यात्राएं बढ़ती हैं, ऐसे में ईंधन कीमतों में संभावित बदलाव आम लोगों के बजट पर सीधा असर डाल सकता है। विशेषज्ञों की सलाह है कि उपभोक्ता स्थानीय स्तर पर ताजा रेट जरूर जांचें और स्थिति पर नजर बनाए रखें।

अजय सिंह, पिछले 4 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अनुभव रखते हैं। राजनीति, खेल, बिजनेस और नेशनल न्यूज़ पर खास पकड़ है। फिलहाल Hind 24 के लिए कार्यरत हैं।


