March 29, 2026
सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट

MCX पर सोना-चांदी में ऐतिहासिक गिरावट | Image Source- Pngtree

Gold Price Crash: सोने-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट, MCX पर सोना ₹3,800 और चांदी ₹13,000 तक टूटी, वैश्विक संकेतों से बाजार में मची बड़ी हलचल।

Gold Silver Price Crash: मंगलवार, 17 फरवरी को घरेलू और वैश्विक बाजारों में उस वक्त हड़कंप मच गया जब सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट दर्ज की गई। निवेशकों को सुबह से ही झटका लगना शुरू हो गया और देखते ही देखते कीमती धातुएं तेज गिरावट के साथ लाल निशान में चली गईं। सोना करीब ₹3,800 तक सस्ता हो गया, जबकि चांदी में ₹13,000 तक की बड़ी गिरावट देखी गई। यह गिरावट सिर्फ आंकड़ों तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसका सीधा असर निवेशकों की धारणा और बाजार की दिशा पर भी पड़ा।

एमसीएक्स पर सोने का बड़ा झटका

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर अप्रैल 2026 डिलीवरी वाला सोना करीब 2.5 फीसदी टूटकर ₹1,50,964 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। दिनभर के कारोबार में सोने ने तेज उतार-चढ़ाव दिखाया और निवेशकों में असमंजस की स्थिति बनी रही। पिछले कारोबारी सत्र में जहां सोना ₹1,54,760 पर बंद हुआ था, वहीं एक ही दिन में हजारों रुपये की गिरावट ने बाजार की मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए।

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चांदी में दिखी और भी बड़ी गिरावट

मार्च 2026 डिलीवरी वाली चांदी में करीब 5.3 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई और यह ₹2,27,182 प्रति किलो पर आ गई। कारोबारी सत्र के दौरान चांदी का दबाव लगातार बना रहा और भारी बिकवाली के चलते यह ₹13,000 से ज्यादा टूट गई। पिछले सत्र में ₹2,39,891 पर बंद हुई चांदी एक ही दिन में ₹2.26 लाख के स्तर तक आ गई, जो निवेशकों के लिए बड़ा झटका साबित हुआ।

वैश्विक संकेतों ने बिगाड़ा माहौल

इस गिरावट के पीछे सिर्फ घरेलू कारण नहीं बल्कि वैश्विक संकेत भी बड़ी वजह बने। रूस-यूक्रेन युद्ध में तनाव कम होने की खबरों से सेफ हेवन यानी सुरक्षित निवेश विकल्प के तौर पर सोने का आकर्षण कमजोर पड़ा। वहीं एशियाई बाजारों में छुट्टियों के कारण लिक्विडिटी कम रही, जिससे ट्रेडिंग वॉल्यूम घटा और बाजार में अस्थिरता बढ़ गई।

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डॉलर की मजबूती ने बढ़ाया दबाव

डॉलर इंडेक्स की रिकवरी ने भी सोने-चांदी पर दबाव बनाया। डॉलर मजबूत होने से आमतौर पर कीमती धातुओं की कीमतों पर नकारात्मक असर पड़ता है और यही इस गिरावट में भी देखने को मिला। इसके साथ ही अमेरिकी महंगाई के कमजोर आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व की ब्याज दर कटौती की उम्मीदें बढ़ा दीं, जिससे डॉलर और बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव आया और उसका सीधा असर कमोडिटी बाजार पर पड़ा।

एक्सपर्ट्स की राय ने खोला बाजार का गणित

केडिया एडवाइजरी के डायरेक्टर अजय केडिया के मुताबिक, दो साल की तेज तेजी के बाद अब सोने में करेक्शन शुरू हो चुका है। उन्होंने बताया कि पहली वजह रूस-यूक्रेन तनाव में कमी, दूसरी डॉलर इंडेक्स की मजबूती और तीसरी सबसे बड़ी वजह कमोडिटी एक्सचेंजों पर बढ़े हुए मार्जिन हैं। मार्जिन बढ़ने से बड़ी पोजिशन लेना महंगा हो गया है, जिससे निवेशक पीछे हट रहे हैं।

सट्टेबाजों की निकासी ने बढ़ाया संकट

कमोडिटी बाजार में सट्टेबाजों ने भी अपनी पोजिशन घटानी शुरू कर दी है। गोल्ड और सिल्वर दोनों में नेट लॉन्ग पोजिशन में भारी कटौती देखने को मिली है। इससे यह साफ संकेत मिलता है कि बाजार में भरोसा कमजोर हो रहा है और निवेशक जोखिम लेने से बच रहे हैं।

तकनीकी स्तरों पर बढ़ता खतरा

तकनीकी विश्लेषण के मुताबिक सोना अपने अहम सपोर्ट लेवल को बचाने में नाकाम रहा है और अब 20-DEMA के आसपास संघर्ष कर रहा है। ओपन इंटरेस्ट में गिरावट यह संकेत देती है कि लंबी पोजिशन से लगातार निकासी हो रही है, जिससे बाजार और कमजोर हो सकता है।

आने वाले दिनों का अलर्ट

विशेषज्ञों के अनुसार सोने के लिए ₹1,49,000 का स्तर बेहद अहम सपोर्ट है। अगर यह स्तर टूटता है तो गिरावट और तेज हो सकती है। वहीं चांदी के लिए ₹2,25,000 का स्तर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके नीचे जाने पर दबाव और गहरा सकता है।

निवेशकों के लिए सतर्क रहने का समय

कमजोर वैश्विक संकेत, घटती लिक्विडिटी, डॉलर की मजबूती और सट्टेबाजों की पोजिशन कटौती ने मिलकर सोने-चांदी को भारी दबाव में ला दिया है। फिलहाल बाजार में अस्थिरता बनी रहने के संकेत हैं और निवेशकों को बेहद सतर्क रहने की जरूरत है। विशेषज्ञों की सलाह है कि किसी भी निवेश से पहले सपोर्ट लेवल और बाजार संकेतों पर बारीकी से नजर रखना जरूरी है।

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