
सरकार के अनुसार देश में पेट्रोल-डीजल का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। (Image - Freepik)
Fuel Prices Hike News: मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के बीच भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतों को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है। खासकर ईरान-इजरायल के बीच बढ़ते टकराव के बाद आम जनता के मन में सवाल उठने लगे कि क्या आने वाले दिनों में फ्यूल की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हो सकती है।
इसी आशंका को दूर करते हुए सरकारी सूत्रों ने साफ कहा है कि फिलहाल देश में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई पूरी तरह सामान्य है और कीमतों में अचानक बढ़ोतरी की कोई संभावना नहीं है। सरकार के मुताबिक भारत के पास पर्याप्त फ्यूल स्टॉक मौजूद है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
कच्चे तेल की कीमतों से तय होगा आगे का गणित
सरकारी अधिकारियों के अनुसार, पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर फिलहाल कोई सीधा दबाव नहीं है। उनका कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें अगर 130 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जाती हैं, तभी घरेलू बाजार में कीमतों पर असर पड़ सकता है।
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अभी अनुमान लगाया जा रहा है कि क्रूड ऑयल की कीमत करीब 100 डॉलर प्रति बैरल तक रह सकती है, जिससे भारत में फ्यूल प्राइस पर तत्काल कोई बड़ा असर नहीं पड़ेगा। इस वजह से आने वाले समय में भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों में स्थिरता रहने की उम्मीद जताई जा रही है।
देशभर में पेट्रोल-डीजल की सप्लाई स्थिर
सरकारी सूत्रों ने यह भी स्पष्ट किया है कि पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पूरी तरह सामान्य बनी हुई है। कहीं भी फ्यूल की कमी की खबर नहीं है और सभी पेट्रोल पंपों पर पर्याप्त मात्रा में ईंधन उपलब्ध है। अधिकारियों के मुताबिक भारत ने पहले से ही अपने फ्यूल रिजर्व को मजबूत रखा है, जिससे अचानक किसी संकट की स्थिति में भी सप्लाई प्रभावित न हो। इसलिए लोगों को घबराकर अतिरिक्त स्टॉक जमा करने की जरूरत नहीं है।
क्रूड ऑयल इम्पोर्ट के स्रोत बढ़ा रहा है भारत
भारत सरकार ने मिडिल ईस्ट में संभावित जोखिम को देखते हुए क्रूड ऑयल आयात के स्रोतों को भी विविध बनाने की रणनीति तेज कर दी है। अधिकारियों के मुताबिक भारत केवल होर्मुज स्ट्रेट पर निर्भर नहीं रहना चाहता, इसलिए कई दूसरे देशों से भी तेल आयात के विकल्प तैयार किए जा रहे हैं। इससे भविष्य में किसी भी क्षेत्रीय तनाव या आपूर्ति बाधा का असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर कम पड़ेगा।
भारत खुद ATF का प्रोड्यूसर और एक्सपोर्टर
सरकारी अधिकारियों ने एविएशन सेक्टर को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की है। उनका कहना है कि भारत में एविएशन टर्बाइन फ्यूल यानी ATF की पर्याप्त उपलब्धता है। भारत न केवल इस फ्यूल का उत्पादन करता है बल्कि कई देशों को इसका निर्यात भी करता है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय तनाव के बावजूद भारत के एविएशन सेक्टर में फ्यूल की सप्लाई बाधित होने की आशंका बेहद कम है।
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वैश्विक संकट में भी मजबूत स्थिति में भारत
अधिकारियों का कहना है कि मौजूदा वैश्विक तनाव के दौर में भारत की ऊर्जा प्रबंधन क्षमता कई अन्य देशों के मुकाबले मजबूत है। भारत ने पिछले कुछ वर्षों में ऊर्जा सुरक्षा के लिए कई रणनीतिक कदम उठाए हैं। इसी वजह से अब कुछ अन्य देश भी अपने फ्यूल स्टॉक के लिए भारत से संपर्क कर रहे हैं, जो भारत की मजबूत ऊर्जा स्थिति को दर्शाता है।
LPG सिलेंडर बुकिंग पर नया नियम लागू
सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की जमाखोरी रोकने के लिए भी एक अहम फैसला लिया है। अब LPG सिलेंडर की रिफिल बुकिंग के बीच का अंतर 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दिया गया है। यानी अब उपभोक्ता एक सिलेंडर लेने के 25 दिन बाद ही दूसरा सिलेंडर बुक कर पाएंगे। सरकार का मानना है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण लोग जरूरत से ज्यादा सिलेंडर जमा करने की कोशिश कर सकते हैं, इसलिए यह कदम उठाया गया है ताकि सप्लाई सभी उपभोक्ताओं के लिए बराबर बनी रहे।

दानियाल, एक अनुभवी मल्टीमीडिया पत्रकार हैं। Hind 24 की डिजिटल डेस्क पर सीनियर पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के क्षेत्र में लगभग 6 वर्षों का अनुभव है। Hind 24 पर तेज और विश्वसनीय अपडेट देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।


