
साउथ अफ्रीका से हार के बाद फंसा सेमीफाइनल का पेच | Image - FB/@IndianCricketTeam
South Africa vs India T20 World Cup: अहमदाबाद के ऐतिहासिक नरेंद्र मोदी स्टेडियम में वह हुआ जिसकी भारतीय प्रशंसकों ने कल्पना भी नहीं की थी। अब तक टूर्नामेंट में अजेय चल रही टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका के हाथों 76 रनों की करारी शिकस्त झेलनी पड़ी।
188 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी भारतीय टीम ताश के पत्तों की तरह ढह गई और पूरी टीम महज 111 रनों पर सिमट गई। इस हार ने न केवल भारत के विजय रथ को रोका है, बल्कि सेमीफाइनल की राह में कांटों की बाड़ खड़ी कर दी है।
मिलर के तूफान में उड़ी भारतीय गेंदबाजी

मैच की बात करें तो टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी साउथ अफ्रीका ने निर्धारित 20 ओवरों में 7 विकेट पर 187 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। ‘किलर’ मिलर ने अपनी साख के अनुरूप बल्लेबाजी करते हुए मात्र 35 गेंदों पर 63 रन ठोक दिए, जिसमें 7 चौके और 3 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। उनका बखूबी साथ दिया युवा डेवाल्ड ब्रेविस (45 रन) और ट्रिस्टन स्टब्स (44 रन) ने। भारतीय गेंदबाज अंतिम ओवरों में रनों की गति पर अंकुश लगाने में पूरी तरह नाकाम रहे।
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सेमीफाइनल का मुश्किल होता समीकरण
इस हार के बाद भारत का नेट रन रेट (NRR) गिरकर -3.8 पहुंच गया है, जो बेहद चिंताजनक है। अब टॉप-4 में जगह बनाने के लिए भारत के पास केवल एक ही रास्ता है: ‘करो या मरो’। टीम इंडिया को अपने अगले दोनों मुकाबले न केवल जीतने होंगे, बल्कि अपनी जीत का अंतर इतना बड़ा रखना होगा कि रन रेट में सुधार हो सके। अगर भारत एक भी मैच हारता है, तो सेमीफाइनल की दौड़ से आधिकारिक रूप से बाहर हो जाएगा।
26 फरवरी और 1 मार्च को तय होगा भारत का भविष्य

भारतीय टीम के लिए अब वर्ल्ड कप का हर मैच नॉकआउट जैसा है। भारत को 26 फरवरी को जिम्बाब्वे और 1 मार्च को वेस्टइंडीज से भिड़ना है। समीकरण सीधा है, अगर भारत दोनों मैच जीतता है और साउथ अफ्रीका भी अपने शेष मैच जीत लेती है, तो भारत 4 अंकों के साथ आसानी से क्वालीफाई कर लेगा। चुनौती तब बढ़ेगी जब वेस्टइंडीज या जिम्बाब्वे में से कोई टीम उलटफेर कर दे। ऐसी स्थिति में भारत को दूसरी टीमों के नतीजों और अंक तालिका के जोड़-घटाव पर निर्भर रहना पड़ेगा।
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क्या जिम्बाब्वे बनेगा भारत के लिए संकटमोचक?
यदि भारत अपने दोनों मैच जीतता है लेकिन साउथ अफ्रीका को वेस्टइंडीज से हार मिलती है, तो मामला नेट रन रेट पर फंस सकता है। ऐसी स्थिति में भारत को दुआ करनी होगी कि जिम्बाब्वे की टीम वेस्टइंडीज को हरा दे, ताकि वेस्टइंडीज के अंक कम रहें।
राहत की बात यह है कि सुपर-8 का आखिरी मैच भारत का है, जिससे टीम इंडिया के सामने लक्ष्य और समीकरण पूरी तरह साफ होंगे। लेकिन इस सब के लिए पहली शर्त जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज को बड़े अंतर से शिकस्त देना है।

अजय सिंह, पिछले 4 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में हैं। प्रिंट और डिजिटल मीडिया में अनुभव रखते हैं। राजनीति, खेल, बिजनेस और नेशनल न्यूज़ पर खास पकड़ है। फिलहाल Hind 24 के लिए कार्यरत हैं।


